हक़ से कहता हूं तू मेरी है.....!! Hindi love poem


हक़ से कहता हूं तू मेरी है,
जिंदगी तुम बिन अधूरी है....!

खुशियां जो है मेरे इर्द गिर्द,
सब तेरी ही तो मेहरबानी है....!

रोज पुछती हो फ़िर भी तुम,
क्या एहमियत तुझे मेरी है....!

कहता हूं मैं बस इतना ही की,
सांसे जीने के लिए जरूरी है....!

ख्वाहिश नहीं और कुछ भी,
तेरे साथ जीनी ये जिंदगानी है....!

मुझे एतबार नहीं है किस्मत पे,
बस एक तू ही मेरी तकदीर है....!!!

प्रभात.........
तेरा मेरा साथ रहे 👫💞

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