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Showing posts from June 28, 2018

जरा हंस दो....... Hindi love poem

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जरा हंस दो...            ‌     जरा हंस दो...                                 जरा हंस दो...सनम, यूँ ना रूठो तुम हमसे जरा हंस दो सनम.... 💖::::::((☺))::::::💖 थोड़ा शिकवा तो थोड़ी शिकायत करो, चुप ना बैठो हमसे कुछ तो बातें करो.... 💖::::::((☺))::::::💖 देखो सुबह से शाम अब तो होने लगी, अब तो शाम-ए-चरागो को रोशन करो.... 💖::::::((☺))::::::💖 बेरूखी का ये परदा अब तो उतारो जरा, हमसे हुई जो भी खता अब तो माफ करो.... 💖::::::((☺))::::::💖                                       खामोशी तुम्हारी अब तो डसने लगी.... लबों से अब तो ख़ामोशी को आजाद करो..... 💖::::::((☺))::::::💖 देख मेरी आँखें भी आँसूओं से बरसने लगी.... मुस्कुरा के गले लगकर प्यारी कुछ बातें करो...सनम....!! 💖::::::((☺))::::::💖 यूँ ना रूठो तुम हमसे जरा हंस दो सनम.... 💖::::::((☺))::::::💖 प्रभात........ तेरा मेरा साथ रहे 👫

ये कैसी दुनिया है....... Hindi Suvichar......

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ये कैसी दुनिया है.......?          जहां होंठों पर,          मीठी बोलियां है........! पर ये कैसी दुनिया है.......?         जहां हाथों में छुपी,          तेज छुरीयां है........! ये कैसी दुनिया है.......?          जहां घर-घर सिखाया जाता तो,          पाठ प्रेम का है.........! पर ये कैसी दुनिया है.......?          जहां दिलों में बसती सिर्फ,           मजहब की दूरियां है........! ये कैसी दुनिया है.......?          जहां मोहब्बत में रोज दम तोड़ते,          हजारों प्रेम दीवाने हैं.......! पर ये कैसी दुनिया है.......?          जहां लोग कहते मोहब्बत तो,          महज़ किताबों की कहानीयां है........! ये कैसी दुनिया है.......?         जहां मां को दिया जाता,         दर्जा भगवान् का है........! पर ये कैसी दुनिया है.......?        जहां फेंकी जाती नवजात बच्चीयां,         कूड़ेदान में कहकर ये मजबूरीयां है.......! ये कैसी दुनिया है.......?         जहां भूख से तड़प के बच्चा,         रोते हुए सो जाता फुटपाथ पर है.......! पर ये कैसी दुनिया है.......?         जहां चढ़ाते ह

जब भी तुम रूठी हो....!! Hindi love poem

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ना तुम मेरी सुनती हो,  ना ही खुद कुछ कहेती हो.........! जब भी तुम रूठी हो,  जाना बस ऐसा करती हो.........! जब पूछूँ मैं तुमसे,  बता हुई खता क्या मुझसे...........? बस इतना ही सुनते तुम,   बडे जोर से रोती हो..........! जब भी तुम रूठी हो.......... मैं तुम्हें मनाने की,  हर कोशिश करता हूं............! जब तुम्हें मनाऊं तो, बडे नखरे करती हो...........! जब भी तुम रूठी हो.......... कभी हाथ जोडूं तो,  कभी कान पकड़ता हूं...........! तब तुम देख मुझे,  थोडा मुस्कृराती हो...........! जब भी तुम रूठी हो.......... फिर दौड के तुम मेरे, गले से लगती हो...........! मेरी सिकायत भी तुम, खुद मुझसे ही करती हो..........! जब भी तुम रूठी हो.......... कोई खता न हो फिर से, ये तुम मुझसे कहती हो.........! इस बात के लिए तुम मुझे, अपनी कसम खिलाती हो..........!! जब भी तुम रूठी हो.......... प्रभात........... तेरा मेरा साथ रहे 👫