ऐसा तो जीवन में होता है..... Hindi suvichar

छोड़ो भी.....
ऐसा तो जीवन में होता है.....

कभी कुछ पाना तो,
कभी कुछ खोना पड़ता है....

लेकिन इससे डर कर,
संध्या के सिंदूरी प्रकाश में,
तुलसी के नीचे दिया जलाना,
थोड़े ही बंद किया जाता है....

भगवान बात सुनें न सुनें,
फिर भी मंदिर तो रोज जाना पड़ता है...

जो‌ जलाते नहीं दिए मंदिर में,
वो अपनी राहों में अंधेरा फैलाते हैं....!!!

प्रभात......

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem