मुझे सरहद पर जाना है.....!!! Hindi Indian soldier poem

मां तुझसे मिलने आया था,
कुछ पल साथ बिताने को।

थोड़ी खुशियां देकर जाने को,
थोड़ी खुशियां लेकर जाने को।

दुश्मन ने धावा बोला है,
मां उनको धुल चटाना है।

अब तुम मुझको मत रोको,
मां मुझे सरहद पर जाना है।

आप याद बहुत आते हो पापा,
कांधे पर आप ही मुझे घुमाते थे।

कभी मां थप्पड़ लगाती थी तो,
आप ही चाॅकलेट दे कर मनाते थे।

बहुत दिखाई अहिंसा हमने,
अब हिंसा का उन्हें पाठ सिखाना है।

मेरे शहिद भाईयों का मुझे,
अब दुश्मनों से बदला लेना है।

पापा मुझको मत रोको,
मुझे सरहद पर जाना है।

यह वादा है मेरा की मैं लौट के आऊंगा,
चाहे जिस्म में जान रहे ना रहे!

पर मैं लौट के जरूर घर आऊंगा.....!!!

✊भारत देश बीर जवानों को सलाम ✊
वंदे मातरम् 🙏

प्रभात.........

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem