हे श्री कृष्ण मेरे......!!! Hindi suvichar

सारे जग को देने वाले,
मैं क्या तुझको भेंट चढ़ाऊं.....!

जिसके नाम से आए खुशबू,
मैं क्या उसको फ़ूल चढ़ाऊं.....!

वो तैरते तैरते डूब गये,
जिन्हें खुद पर बड़ा गुमान था.....!

और.....

वो डूबते डूबते भी तैर गये,
जिन पर तू मेहरबान था.......!!!

जय श्री कृष्ण

प्रभात............

Comments

  1. नटखट गोकुल के राजा
    मेरी अखियां तरस गई अब तो आजा

    क्रिष्ना तेरी मुरली के मधुर सूर ने मोह लिया....
    सुधबुध ना रही मन पागल तुजमें खो गया.... .

    जय श्री क्रिष्ना.... .🌹
    सुप्रभात प्रिय...... प्रभात 😘
    बहोत बढिया है ये कविता... 👌
    शुभ दिन रहे आपका... ☕
    GBU drrrrrr..... 💞👫

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