एक चाँद आसमान पर दुसरा जमीन पर है.....!!! Hindi love poem


            एक चाँद आसमान पर दुसरा जमीन पर है
                      आसमान का चाँद सबका है 
                    धरती का यह चाँद सिर्फ मेरा है
 
       कभी नज़र आता है वो चेहरा कभी परदे में रहता है,
        बहुत क़ातिल होता है वो जिस्म जो ढका रहता है।

            काले लिबास में कभी जब आ जाती है सामने ,
           नज़र में रहे तब तक दिल मेरा ख़तरे में रहता है।

          शर्म हया पर्दादारी ये सब हम दीवाने ही समझे हैं,
          इश्क़ में ये आशिक़ दिल हरदम सजदे में रहता है।


           रहने को तो दुनिया में हैं ठौर-ठिकाने बहुत मगर ,
         मैं उसकी नज़र में रहता हूँ वो मेरी नज़र में रहती है।

प्रभात............
तेरा मेरा साथ रहे 👫💞

Comments

  1. अपनी यादों में मुझे कभी यूँ ही ढूंढ लेना तुम,
    ना मिलूं तो धड़कनों से मेरा पता पूछ लेना तुम,
    💠❣❣💞❣❣💠

    रहूंगी मौजूद मैं इन हवाओं में हमेशा, फिर भी,
    ना दिखूं तो इन्हें अपनी साँसों से छू लेना तुम,
    . 💠❣❣💞❣❣💠.

    मेरी ग़ज़ल की हर शायरी में रहते हो "प्रभात" बस तुम,
    अपनी तन्हाइयों के साथ इसे भी सुन लेना तुम,
    . 💠❣❣💞❣❣💠.
    यूँ तो ज़िन्दगी की राहों में मिलेंगे
    कांटे ही कांटे,
    मगर मेरे हिस्से के फूल भी चुन लेना तुम…….


    बहुत ही खूबसूरत ऐहसास
    बहुत ही खूबसूरत कविता है.. प्रभात

    ऐसे ही लिखा करो 👌
    मन तो पढते रहना चाहता है 💖

    दिल तो पागल है
    दिल दिवाना है..... 😘

    So sweet of u.. My drrr. . P lu
    🌹🌹💖💞🍫

    TMSR... 👫💞

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    Replies
    1. Thanks my dlg b
      Swt poem u ki tarah

      मैं तेरी मोहब्बत में डूब के
      बूंद से दरिया हो जाऊं

      मैं तुझसे शूरू हो कर तुझमें ही खत्म हो जाऊं

      TMSR 💖 👫 b

      Delete

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