ऐसा हो हर घर परिवार.......!!! Hindi suvichar

डांट, प्रेम, और अनुशासन से,
बनता है परिवार....

मात पिता और‌ बुजुर्गो का,
जहां होता हो सम्मान.....

बडे बुजुर्गो के अनुभवों का,
जिसमें होता हो संचार.....

पिता की गैरमौजूदगी में,
बड़े भाई में छलके पिता का प्यार.....

बहन की आंखों में दिखे,
जहां मां जैसा दुलार.....

सास मानें बहू को बेटी,
और बहू करें सास से मां जैसा व्यवहार.....

उस घर में खुशीयों की,
रहती सदा बहार.....

जब हो हर घर में,
ऐसा परिवार.......!!!

प्रभात.........

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem