परोपकारी होना जरूरी है.....!!! Hindi suvichar

खुद की इच्छा जिसकी सदा अधूरी है,
उस सूरज की भी अपनी एक मजबूरी है...!

सदा भला करता और कभी ना वो थकता,
सोचो उसकी रात से कितनी अभी दूरी है...!

तुम्हें भलाई के बदले कुछ मिले ना मिले,
मन की शांति मिलेगी ये आशा पूरी है...!

ढंग अनेकों हो सकते हैं सेवा के,
त्याग की भावना रखना जरूरी है...!

पुण्य तो है परोपकारी का जिवन,
निज कर्त्तव्यों में निष्ठा जब पूरी है..,.!!

प्रभात........

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

बर्दाश्त की अब हद हो गई....!!! Hindi desh bhakti poem