हर रोज सुबह उसका मुझे पैगाम आता है......!!! Hindi love poem

हर रोज सुबह उसका मुझे पैगाम आता है।
अल्फाजों में ही सही प्यार बेइंतेहा आता है।।

लिखती हैं पहले वो दुआ और सलाम अपना।
फिर लिखावट में उसकी थोड़ा ठहराव आता है।।

शर्म-ओ-हया से तब वो खुद में सिमट जाती।
जेहन में जब उसके मेरा खयाल आता है।।

मोहब्बत के वो शब्द मुझे और भी प्यारे लगते।
जब प्रभात से जुड़ के प्रतिभा का नाम आता है.......!!
तेरा मेरा साथ रहे 👫💞 प्रभात...........

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