प्यार का नशा......!!! Hindi love poem

प्यार का नशा तो,
हर शख्स पे चढ़ा है।

लगता है की जैसे प्यार,
मयखानों में बिक रहा है।

कोई खरीदता है तो,
कोई प्यार में बिक रहा है।

आज कपड़ों की तरह,
हर रोज प्यार बदल रहा है।

पर प्यार के सही मायने,
यहां कौन समझ रहा है.?

सिर्फ जिस्मों के लगाव को ही,
हर शख्स प्यार समझ रहा है।।।

प्रभात...........

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