चल कहीं दूर इस जहां से परे......!! Hindi suvichar

चल कहीं दूर इस जहां से परे,
जंहा नफ़रत की हवा ना बहे.......!
💠═∈💕❖💕∋═💠

मिलती हो धरती जंहा,
अपने ही आसमान से..............!
💠═∈💕❖💕∋═💠

ऐसी दुनिया की चल,
कहीं तलाश हम करें...............!
💠═∈💕❖💕∋═💠

गुंजे फिज़ा भी जंहा,
मोहब्बत के तरानों से..............!
💠═∈💕❖💕∋═💠

हर दिलो में छलकता,
प्यार का दरिया रहे.................!
💠═∈💕❖💕∋═💠

ना हिन्दू ना मुसलमा,
ना सिख ना कोई ईसाई हो.......!
💠═∈💕❖💕∋═💠

केवल इंसानों में सिर्फ,
जंहा इंसानियत ही रहे.............!
💠═∈💕❖💕∋═💠

एक ऐसी दुनिया की,
चल कहीं तलाश हम करें.........!
💠═∈💕❖💕∋═💠

जंहा नफ़रत की हवा ना बहे.....!
💠═∈💕❖💕∋═💠

प्रभात...........

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

बर्दाश्त की अब हद हो गई....!!! Hindi desh bhakti poem

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

उसे मोहब्बत कहूं या मेरी तक़दीर....!! Hindi birthday poem