उसकी बातें जब मैं अपनी तहरीर में लिखता हूं.........!! Hindi love poem

कभी हवाओं से मैं,
उसकी बातें करता हूं............. .!

कभी चांद में उसका मैं,
दीदार करता हूं......................!

कहीं से आ जाए,
कोई खबर उसकी;

हाल उसका जानने को मैं,
हर पल बेताब रहेता हूं..............!

मुस्कुराने लगता हूं मैं,
उसकी बातों से;

खत उसका कोई,
जब मैं पढ़ता हूं......................!

अक्स नज़र आता है उसका,
कोरे कागज पर‌;

उसकी बातें जब मैं,
अपनी तहरीर में लिखता हूं.........!!

प्रभात..........
तेरा मेरा साथ रहे 👫💞

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem