मुझे पहचान लो...... Hindi love poem.......

तेरे गलियारे में घूमता रहता हूँ,
मुझे पहचान लो , हवा का झोंका हूँ.......!

तेरे खनकती पाजेब की धुन पर
बिन संगीत बहकता  रहता हूँ.......!

कभी तेरी साँसों में छुपकर तो कभी,
तेरे आँचल से महकता रहता हूँ......!

तेरी नीली नीली झील सी आँखों में
तैरता ,तो कभी मचलता रहता हूँ......!

मुझे पहचान लो , हवा का झोंका हूँ,
तेरे गलियारे  में घूमता रहता  हूँ........!!!

प्रभात..........
तेरा मेरा साथ रहे 👫

Comments

Popular posts from this blog

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

बर्दाश्त की अब हद हो गई....!!! Hindi desh bhakti poem