मिलेगी कामयाबी एक दिन......!! Hindi Motivation poem

उलझनों और कश्मकश में,
उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूं...............!

ए जिंदगी तेरी हर चाल के लिए,
मैं दो चाल लिए बैठा हूं...............!

लुत्फ़ उठा रहा हूं मैं भी,
आंख-मिचौली का..............!

मिलेगी कामयाबी एक दिन,
हौसला कमाल का लिए बैठा हूं...............!

चलो मान लिया,
दो-चार दिन नहीं मेरे मुताबिक..............!

गिरेबान में अपने,
सुनहरा साल लिए बैठा हूं...............!

ये गहराईयां, ये लहरें, ये तुफान,
तुम्हें मुबारक..............!

मुझे क्या फिक्र,
मैं कश्तीया और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूं.............!!

सुप्रभात दोस्तों 🔆🙏

प्रभात............

Comments

Popular posts from this blog

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

बर्दाश्त की अब हद हो गई....!!! Hindi desh bhakti poem