मैं ही वो जलता सूरज हूं.......!!! Good morning poem

खुद तपता हूं, तड़पता हूं.
       पूरा जहान मैं रोशन करता हूं....!
              💞💠💞
              दिन भर मैं खूब जलता हूं,
                    दुसरो को राह दिखाता हूं....!
🌴🌞🌴
दहक जाता बदन मेरा,
       चपेट आग की जब सहता हूं....!
             💞💠💞
              होता नहीं कोई पास मेरे 
                     मैं अकेले ही सिसकारियां भरता हूं....!
🌴🌞🌴
नफ़रत न करो मुझसे ए दोस्तों
       तुम्हारे लिए ही बलिदान देता हूं...!
              💞💠💞
                रूह कंपा उड़ती है मेरी 
                    तुम्हारी आंख में जब आंसू देख लेता हूं....!
🌴🌞🌴
खुश नहीं मैं यूं जलकर दोस्तों
        मैं भी एक बूंद जल को तरसता हूं....!
              💞💠💞
                रात की खामोशियों में रखता धीरज हूं,
                        मैं ही तो वो जलता सूरज हूं....!

सुप्रभात दोस्तों 🔆🙏

प्रभात.............

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