मिलना हमारा अब तो, उस रब के ही हाथ है.........! Hindi sad love poem....

मैं सुबह तो वो शाम है........!
मैं सूरज तो वो चाँद है........!

मिलना हमारा अब तो,
उस रब के ही हाथ है.........!

हुई जब मोहब्बत हमें,
हर बात से अंजान थे.........!

इश्क के दुश्मन क्यूँ,
दुनिया में आजाद हैं.........!

मिलते हैं जब भी हम,
दुनिया से छुपते छुपाते..........!

लगता हमें जैसे की,
हम बड़े गुनाहगार है..........!

खटकते हैं क्यूँ हम,
लोगों की आँख में...........!

अपराध बस यही की
हमें एक दुजे से प्यार‌ है.........!

पूजते‌ है ज़हां लोग,
राधा और श्याम को.........!

वहीं प्रेमियों को देख,
क्यूं करते आंख लाल है........?

प्रभात........
तेरा मेरा साथ रहे 👫

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