मेरी मोहब्बत से कल, पहली मुलाकात होगी.........! Hindi love poem

मेरी मोहब्बत से कल,
पहली मुलाकात होगी.........!

ना जाने फिर कैसे,
इबारत की शुरुआत होगी.........!
🌟💖🌟

वक्त गुजरता ही नहीं,
घड़ी जैसे रूक सी गई.........!

लगे ऐसा की सदियों सी,
लम्बी मेरी रात होगी.........!
🌟💖🌟

कुछ ना सुझे की,
क्या मैं उपहार ले जाऊं.........!

उसके काबिल न,
कोई मेरी सौगात होगी........!
🌟💖🌟

दीदार-ए-हुस्न उसका,
अबतक जो देखा तस्वीर में........!

इन निगाहों के सामने,
कल मेरी बे-नजीर होगी.........!
🌟💖🌟

बे-कस सी जो,
गुजर रही थी मेरी जिंदगी.........!

उसके आने से,
बे-इख्तियारी ना मेरी जात होगी.........!
🌟💖🌟

लिख दूं कोई कलाम,
उसके हिजाब पर की.........!

उसके जैसी न कोई,
पूरे इस जहांन में होगी.........!
🌟💖🌟

फलक से उतरेगी,
चाँद, सितारों, की बारात.........!

मेरी बाहों सिमटी, 
जब मेरी जान होगी.........!
🌟💖🌟

मेरी मोहब्बत से कल,
पहली मुलाकात होगी.........!!!

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इबारत =बोली 
बे-नजीर =अनुपम, जिसकी तुलना मे कोई ना हो, 
बे-कस =अकेला 
बे-इख्तियारी =असहाय 
हिजाब =शर्म, लज्जा 
कलाम =रचना 
फ़लक =आसमान 
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प्रभात........💖
तेरा मेरा साथ रहे 👫

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