बर्दाश्त की अब हद हो गई....!!! Hindi desh bhakti poem
बर्दाश्त की अब हद हो गई, माफी की अब नहीं गुंजाइश है.... पाकिस्तान तुझे तो अब, तेरी औकात हमें दिखानी है.... बहाया जो लहू जवानों का तुने, उसकी भारी किमत तुझे चुकानी है.... मिटा कर तेरा नामोनिशान, आतंक को हमें सबक सिखानी है.... दिवालिया हो गई है तेरी हालत, अब भूखमरी की भी तैयारी है.... आतंकवाद को बढ़ावा देकर, तुने अपनी शामत बुलाली है.... ख़ून खौल उठा है भारत का, तुझे धुल तो अब हमें चटानी है.... भूल गया है तू शायद हिन्दुस्तान की ताकत, अब तुझे हमें अपनी ताकत दिखानी है.... पिठ पर वार करना आदत नहीं हमारी, तेरे सीने में तलवार उतारनी है.... बर्दाश्त की अब हद हो गई, माफी की अब नहीं गुंजाइश है.... पाकिस्तान तुझे तो अब, तेरी औकात हमें दिखानी है....!!! वंदे मातरम् 🙏 जय हिन्द ✊जय भारत मेरे देश के सभी शहिद जवानों को इस कविता के माध्यम से श्रद्धांजली अर्पित करता हूं प्रभात........

So True
ReplyDeleteLovely Superb Shareing
Bakuuuuuuu 👌🏼😊❤️😊💐🍫