प्रभु श्री राम..... Hindi prathna

जब छोड़ चलु इस दुनिया को, 
तब होठों पे नाम तुम्हारा हो........।

स्वर्ग मिले या नर्क मिले, 
ह्रदय में वास तुम्हारा हो........।

तन पर राम नाम की हो चादर,
जब गहरी नींद में सोया रहूँ.........!

कानो में मेरे जो गुंजे, 
वह नाम राम तुम्हारा हो.........।

रस्ते में तुम्हारा मंदिर मिल जाए,
जिस रस्ते मैं प्रस्थान करूँ.........!

चौखट पे तेरी ओ मेरे दाता, 
अंतिम मेरा प्रणाम हो........!

अर्थी पर जब सज के निकलूं
तेरा नाम से शुरू पथ मेरा हो........!

उस वक्त प्रभु तुम आ जाना, 
जब चिता पे शयन मेरा हो.......!

मेरे मुख में तुलसी जल देना, 
बस इतना काम तुम्हारा हो........!

गर सेवा की हो मैंने तेरी, 
तो उसका मुझे ये उपहार मिले..........!

इस दास का ओ भगवन्,
नहीं आना कभी भी दुबारा हो.........!

जब छोड़ चलु इस दुनिया को, 
तब होठों पे नाम तुम्हारा हो...........!

चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, 
ह्रदय में वास तुम्हारा हो......…...!

।। जय रघुनंदन ।। 

।। जय सियाराम ।।

प्रभात.......

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