तुमसे ना कोई मुलाकात हुई....... Hindi love poem

कितने दिन बित गये, 
तुमसे ना कोई मुलाकात हुई.......

बढ जाए धड़कनों की रवानी, 
ऐसी ना कोई बात हुई......
💞💞💞✳✳✳✳

 यूँ तो सुबह रोज आती, 
और शाम भी ढल जाती है.......

 तुमसे मिलन हो हमारा, 
ऐसी ना कोई सुबह शाम हुई.......
              ✳✳✳✳💞💞💞

लिखते रहे दिल के अरमा, 
हम तुम्हारे ही खयाल में........

हाल-ए-दिल तुम्हें कैसे बताये, 
ऐसी कोई ना राह हुई........
💞💞💞✳✳✳✳

कोई तो जतन हो मिलने का, 
खुदा से यही फरियाद है.......

कैसे रहूं मैं तुमसे दूर, 
तेरे सिव ना कोई ख्वाहिश हुई...!!
              ✳✳✳✳💞💞💞


💖प्रभात💖
तेरा मेरा साथ रहे 👫

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