न ढूंढों तुम मुझे यहां-वहां,....... Hindi love poem

न ढूंढों तुम मुझे यहां-वहां,
मैं तो तुम्हारे पास ही हूं........

सामने ना सही तुम्हारे,
पर तुम्हारे हर एहसास में हूं.......

धड़कता है जब दिल तुम्हारा,
हर धड़कन की आवाज में हूं.......

खुशबू सी जो महकती है सांसें
मैं तो तुम्हारी हर एक सांस में हूं.......

सुख-दु:ख के हर पहलू में
मैं छलकती तुम्हारी आंख‌ से हूं.......

फिर दूर तुमसे भला मैं कैसे रहूं
जब रूह बन के रहती मैं तुम्हारे जिस्म में हूं......!!


प्रतिभा.......

तेरा मेरा साथ रहे 👫

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

बर्दाश्त की अब हद हो गई....!!! Hindi desh bhakti poem