ए खुदा मेरे चाँद को घर से निकल आने दो,........ Hindi love poem

शाम तो ढल गई अबतो शमा जल जाने दो,
ए खुदा मेरे चाँद को घर से निकल आने दो,
💖❣LロVЁ❣💖≫════❥❥≫═════❥❥

          कोई इस धरती पे नहीं जिसे देखूं मैं जी भर के,
          निगाहों में मेरे महबूब की तस्वीर तो बन जाने दो,
        💖❣LロVЁ❣💖≫═════❥❥≫══════❥❥

तेरी खामोशी सहेलूंगा मैं तुमसे जुदा रहकर,
अपनी आवाज को तुम मुझमें खो जाने दो,
💖❣LロVЁ❣💖≫════❥❥≫═════❥❥

          दिल की मिट्टी से बनाऊँगा मैं मूरत तेरी,
          मेरे इस रूह को तेरी एक दीद तो मिल जाने दो,
        💖❣LロVЁ❣💖≫═════❥❥≫══════❥❥


प्रभात.......

तेरा मेरा साथ रहे 👫

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