क्या क्या देखूं साँवरे,, G...m. Hindi poem

क्या क्या देखूं साँवरे,,

ये कुंडल या ये घुंघराले बाल

ये नैन कज़रारे या नैनो की धार,,

होठों की लाली,,या कातिल मुस्कान,,

ये मधुर बाँसुरी या,मीठी तान,

ये सुन्दर नूपुर या टेड़ी चाल,,

ये पीला पिताम्भर या मुकुट विशाल,,

ये चमकता मोर पंख,या तेरा प्यार अपार,,

मुझसे तो तुमारा रूप का वर्णन भीनही किया जा रहा।।

कहाँ से लाऊँ शब्द ,,जो तुझे दे शब्दों में उतार,,

तेरी छवि निराली ,,मेरे सरताज,,

🌹🚩 जय श्री राधे कृष्णा🚩🌹

सुप्रभात दोस्तों 🔆🙏

प्रभ

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