समंदर तेरी सूरत....... Hindi love poem

समंदर तेरी सूरत मेरे महबूब से मिलती है,
तेरी आंखें भी उसके जैसी ही दिखती है,
⭕⭕🔴⭕⭕✳✳✳✳✳✳✳✳✳

                      तेरे दामन सा फैला है उसका भी आंचल,
                      उसकी जुल्फें तेरी लहरों सी लगती है,
                     ⭕⭕🔴⭕⭕✳✳✳✳✳✳✳✳✳✳

उसकी बाहों में खुशियों के मोती है,
वह भी गहरी सी, गुमसुम सी लगती है,
⭕⭕🔴⭕⭕✳✳✳✳✳✳✳✳✳✳

                     मासूम जज़्बातों के लहू से बनी है वो,
                     उसकी परछाई तेरे पानी सी लगती है...!!
                     ⭕⭕🔴⭕⭕✳✳✳✳✳✳✳✳✳✳✳




प्रभात.......
तेरा मेरा साथ रहे 👫

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem