Mai Jo rooth jaun to .....Hindi poem......!

मैं जो रूठ जाऊं तो मना लेना मुझे.....
तन्हा हूं मैं ना तन्हा छोड़ देना मुझे.....

तुम्हें पाकर ही तो अब मुस्कुराने लगा हूं,
कभी जो रो पडूं तो गले से लगा लेना मुझे.....

बड़ी मुश्किल से आई है खुशियाँ मेरे नसीब में,
मेरी खुशियों से ना महरूम करना मुझे.....

जिंदगी के हर मोड पर मैंने खाईं है ठोकरें,
अब की जो गिर पडूं तो संभाल लेना मुझे......

डर लगता हैं कंही कोई छिन ना ले तुम्हें मुझसे,
अपनी हाथों की लकीरों में बसा लेेेना मुझे.....

मैं जो रूठ जाऊं तो मना लेना मुझे......
तन्हा हूं मैं ना तन्हा छोड़ देना मुझे......

प्रभात......
तेरा मेरा साथ रहे 👫

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