इंसान है तू इंसान से यारी रख..... G..m. Hindi poem

इंसान है तू इंसान से यारी रख.....
सुख दुःख में सबसे भागीदारी रख.....

छोटे बड़े का कोई भेद ना हो तुझमें
सब के लिए तू एक सा सम्मान रख....

तेरी बातों से मायूसी दूर हो जाए
ऐसी जुबां पर तू मिठास रख....

कभी रिश्तों की डोर ना टूटे,
ऐसा उसमें तू प्यार और विश्वास रख....

रब भी तेरी बंदगी से खुश हो जाए
ऐसा हर घर्म से प्रेम भाव रख....!!*

सुप्रभात मित्रों 🔆🙏

प्रभात.....

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