मन मंदिर में बसने वाले प्रभु श्रीराम....!!! Hindi suvichar

कंद-मूल खाने वालों से,
मांसाहारी डरते हैं।।

"पोरस" जैसे शूरवीर को,
नमन "सिकंदर" करते हैं।।

चौदह वर्षों तक खूंखारी,
वन में जिसका धाम था।।

मन मंदिर में बसने वाले,
वह शाकाहारी "राम" थे।।

चाहते तो वह खा सकते थे,
मांस पशु के ढेरों में।।

लेकिन उनको प्यार मिला,
"शबरी" के जूठे बेरों में।।

प्रभात......

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem