वो लड़की अक्सर मुझे, खयालों में मिलती है...............!!! Hindi love poem

नगमों सी बजती है,
जब वो चलती है.................

पायल उसकी,
जब जब छनकती है.............

उसे आते हुए,
जब देखती है मेरी आंखें.......

दिल की धड़कनें,
बेतहाशा धड़कती है............

चूमती है जब वो,
खिले फूल को....................

उसके होंठों की रंगत,
हर फूल से मिलती है............

उड़ती है आसमान में,
तितलियों के जैसे................

बहती हवाएं भी उसे,
छू कर गुजरती है.................

गिरते झरनों की बूंदें,
जब भिगोती है उसे...............

झील-ए-आईने में वो,
और भी हसीन लगती है..........

मैं कायल हूं उसके,
हुस्न-ओ-जमाल का यारों.........

वो लड़की अक्सर मुझे,
खयालों में मिलती है...............!!!

प्रभात...........
तेरा मेरा साथ रहे 👫💞

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem