गुनाह है..........!!! Hindi suvichar

ख्वाबों का,
रंगीन होना गुनाह है...........!

इंसान का,
जहीन होना गुनाह है..........!

कायरता समझते हैं,
लोग मधुरता को...............!

ज़ुबां का,
शालिन होना गुनाह है........!

खुद की ही,
लग जाती है नज़र............!

हसरतों का,
हसीन होना गुनाह है.........!

लोग इस्तेमाल करते हैं,
नमक की तरह................!

आंसूओं का,
नमकीन होना गुनाह है.......!

दुश्मनी हो जाती है,
मुफ्त में सैकड़ों से.............!

इंसान का,
बेहतरीन होना गुनाह है.......!

सुप्रभात दोस्तों 🔆🙏
प्रभात..........

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem