हिसाब क्या रखना......!! G....M... Hindi suvichar

समय की बहती धारा में,
अपने चंद सालों का......हिसाब क्या रखना.......!

जिंदगी ने दिया है जब इतना कुछ,
तो जो नहीं मिला उसका......हिसाब क्या रखना.......!

दोस्तों ने दिया जब इतना प्यार,
तो दुश्मनी का.......हिसाब क्या रखना......!

दिन है अगर उजालों का,
तो अंधेरों का........हिसाब क्या रखना......!

खुशी के दो पल काफी है,
तो गमों का.........हिसाब क्या रखना......!

यादों का मंजर जब इतना हसीन है,
तो दु:ख की बातों का........हिसाब क्या रखना......!

मिलें हैं अगर फूल राहों में,
तो कांटों की चुभन का.........हिसाब क्या रखना......!

जब चांद की चांदनी इतनी दिलकश है,
तो उसमें दाग का..........हिसाब क्या रखना......!

सुप्रभात दोस्तों 🔆🙏

प्रभात............

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