मैं कहूं....न कहूं, मेरे दिल की सारी बातें..... Hindi love poem

मैं कहूं....न कहूं,
मेरे दिल की सारी बातें.....

खामोश लफ़्ज़ों की ज़ुबां,
क्या समझ लोगी तुम.....??

लोगों से सुना है की,
मोहब्बत तो‌ रूह का रिश्ता है.....

क्या इस रिश्ते को,
ताउम्र वफा से निभा लोगी तुम.....??

राह-ए-मोहब्बत की राहें,
जाना कभी होती नहीं आसान......

हर मुश्किल घड़ी में,
मेरे साथ हमेशा रहोगी न तुम......??

क़िस्मत की लकीरों ने,
अबतक सबकुछ छिना है मुझसे.....

दे कर हाथों में हाथ,
मेरी लकीरें बदल दोगी‌ न तुम......??

जिंदगी की एक नई राह,
बस तुमसे ही शुरू हुई है मेरी.....

बनकर मेरी हमसफ़र,
राह-ए-जिंदगी में मेरे साथ चलोगी न तुम......??


प्रभात..........
तेरा मेरा साथ रहे 👫

Comments

Popular posts from this blog

"माँ" के लिए मैं क्या लिखूं....? माँ ने तो खुद मुझे लिखा है.....Hindi suvichar

चढाऊँ क्या तुझे भगवन.....?? प्रार्थना सुबह की....

महिला दिवस..... women's day Hindi poem