ए......सनम....love Hindi poem

ए सनम....

तेरे इस प्यार के लिए शुक्रगुजार हैं हम 
एक तेरी ही मोहब्बत के तलबगार है हम

दुनिया भले ही कहे मर गई है सच्ची मोहब्बत
मगर एक तेरी ही मोहब्बत के कद्रदान है हम

नहीं तेरे जैसा महबूब कोई और इस दुनियां में
एक तेरी बफा-ए-मोहब्बत‌ के शुक्रगुजार है हम

तुने ही मुझे समझा, मुझे सोचा और मुझे चाहा
तेरी इसी अदा और चाहत पे मर मिटे है हम 

नश्ल-ए-हिरों में जैसे किमती होता है कोहिनूर
उन हिरों से भी नायाब तुम्हें समझते हैं हम 

आरज़ू यही है की जिंदगी बिते तुम्हारे ही साथ
हर जनम में बस तुम्हें ही पाए यही चाहते हैं हम 

प्रतिभा.......

तेरा मेरा साथ रहे 👫

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